श्रीगुरु चरन सरोज रज
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
संकर सुवन केसरीनंदन।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
Motihari Jila
राम दुआरे तुम रखवारे।
लाय सजीवन लखन जियाये।
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
Dhoti Ke Badle Jins
A Neta Ji Bad Me
जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
Loot La Jawani Hamaar
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
Saiya Bedardi
विद्यावान गुनी अति चातुर।
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
Luna Waves